National Symposium in Dungar Collage Bikaner

Dungar College Bikaner
Govt. Dungar College Bikaner

राजस्थान बीकानेर , सम्भाग के महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाला सबसे बड़ा राजकीय डूंगर महाविद्यालय में मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अलग अलग विश्व विद्यालय से कई महान हस्तियां और इसके साथ ही महाविद्यालय  के प्राचार्य डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह शेखावत ने कार्यक्रम में अपना उद्भोद्न देते हुवे बताया कि इस प्रकार की संगोष्ठी से पर्यावरण संरक्षण को निश्चित रूप से बढ़ावा मिलेगा और एक विचारधारा आमजन में विद्यार्थियों मे जागृत होगी। इसके साथ ही इस संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली के निदेशक डॉ. अजय प्रकाश गुप्ता, विशिष्ट अतिथि पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय सीकर के कुलपति प्रो. भागीरथ सिंह रहे तथा अध्यक्षता टांटिया विश्वविद्यालय श्रीगंगानगर के कुलपति प्रो. एम. एम. सक्सेना आदि उपस्थित रहे।इस अवसर पर डॉ. अजय प्रकाश गुप्ता ने कहा कि भोजन सेवन की प्रकृति एवं स्वास्थ्य का सीधा संबंध होता है। उन्होनें विद्यार्थियों से अपील की अधिकाधिक रूप से प्राकृतिक भोजन का ही सेवन करना चाहिये। डॉ. गुप्ता ने कहा कि शरीर को ऊर्जा की एक निश्चित कैलोरी की आवश्यकता होती है जिसको उचित भोजन तथा शारीरिक श्रम के माध्यम से पूर्ण किया जा सकता है। उन्होनें युवाओं में जंक फुड के बढ़ते सेवन पर गहरी चिन्ता व्यक्त की ।

National Symposium on protection
National Syposium On Environment Protection

कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह ने इस अवसर पर जीवन में अधिकाधिक रूप से वृक्षारोपण करने की अपील की। उन्होनें कहा कि बिना वृक्षों के पर्यावरण संरक्षण को संरक्षित नहीं किया जा सकता। इसी बात को आगे बढ़ाते हुवे कहा नाम की राशि एवं वृक्षों के प्रकार में सीधा संबंध होता है। कि प्रत्येक पेड़ एवं प्रत्येक जीव का सीधे ही ईश्वर से संबंध होता है अतः पेड़ों को भगवान मानते हुए उनका भी पालन पोषण करना होगा । जिससे अपनी परंपराओं को भी लेके कुछ पेड़ो के प्रति चर्चा की।।

कुलपति प्रो. एम. एम. सक्सेना ने कहा कि पर्यावरण के प्रत्येक घटक की सुरक्षा करके ही सम्पूर्ण पर्यावरण का संरक्षण किया जा सकता है। उन्होनें कहा कि पानी और वातावरण के प्रदूषण के बचाव मं मानव समाज को सहयोग करना होगा तभी इसी प्रकार की संगोष्ठी की सार्थकता सिद्ध हो सकेगी। डॉ. अनिला पुरोहित ने इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. इन्द्र सिंह राजपुरोहित के शुभकामना संदेश का वाचन किया।

प्राणीशास्त्र  विभाग  के  विभागाध्यक्ष  डॉ. राजेन्द्र   पुरोहित  ने  बताया  कि  इस अवसर  पर  प्राणिशास्त्र  विभाग  के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित केंसर  विकिरण विषयक पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। डॉ. पुरोहित ने कहा कि इस अवसर पर विभाग का  स्वर्ण  जयन्ति  वर्ष आयोजित किया गया  जिसमें  सेवानिवृत  शिक्षकों  को  सम्मानित किया गया। और गोल्डन जुबिली का यह समारोह अत्यंत ही यादगार रहा |

संयोजक डॉ. अरूणा चक्रवर्ती ने बताया कि कुल चार तकनीकी सत्र आयोजित किये गये जिसमें डॉ. अजय प्रकाश गुप्ता, राष्ट्रपति पदक विजेता श्रीमती अरूणा बेन्स, केन्सर अस्पताल के श्रीअद्यामन एवं उदयपुर के डॉ. विजय कोली ने अपने पत्र वाचन किये।तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता डॉ. मीरा श्रीवास्तव, डॉ.स्मिता जैन, डॉ.सुषमा जैन, डॉ. अनिल छंगाणी, डॉ.प्रताप सिंह, डॉ.लीना शरण एवं डॉ. चेतना अरोड़ा ने की। समन्वयक डॉ. कैलाश स्वामी ने बताया कि इस अवसर पर आयोजित पोस्टर प्रदर्शनी के पोस्टर जज के रूप में डॉ. योगेन्द्र सिंह एवं डॉ. आनन्द खत्री ने सहभागिता की एवं विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर आयोजन सचिव डॉ. अर्चना पुरोहित, डॉ. नरेन्द्र नाथ, डॉ. दिग्विजय सिंह, डॉ. अनिला पुरोहित, डॉ. इन्द्रा विश्नोई, डॉ. नरेन्द्र सिंह राठौड एवं डॉ. नवदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ